Saturday, February 19, 2011
Wednesday, February 9, 2011
Sunday, November 28, 2010
eyes speaks......
Some feelings are better expressed through eyes than voice as
Eyes expresses more meaning than words!!
Tuesday, September 28, 2010
Skand Giri Treasure Hunt of Qualities
Last week I with my friends went to Skand Giri hills for Picnic. There me and Pankaj Kotalwal designed a treasure hunt of qualities for rest of the friends. Here is the clues with quality.
1. घना घना मैं हरा पेड़,
छाव है मेरी सबसे अछी,
कभी किसीसे नहीं मांगता,
निस्वर्था है मेरी सच्ची|
गुण-> निस्वर्था
२. आघा ऊपर, आघा निचे,
पर्वत जैसा मेरा अंग है,
मुझे तूफान भी नहीं हिला सकता,
सबसे निराला मेरा रंग है|
गुण -> स्थिरता
३. दूरदृष्टि है ये मेरी,
पर मंदिर ना नज़र आये,
भगवान् को ढूंढे इस जगह से,
पत्थर बीचमे आये|
गुण-> कृतज्ञता
४. दिन यहाँ पे शुरू किया था,
सबको हमने एक पाया था,
जैसे सूरज एक है,
किरणे उसकी नेक है|
गुण-> तेजस्विता(सूरज)
५. मानो तोह पत्थर हूँ,
मानो तोह दिवार हूँ,
मेरी शक्ति का मुझे गर्व नहीं है,
मुझे किसीका डर नहीं है|
गुण->नम्रता (W point )
६. कलि की मुस्कान हूँ,
भगवान् का हार हूँ,
हर वादी का गुलज़ार हूँ,
सपना मैं साकार हूँ|
गुण->सुन्दरता(फूल)
७. हर किसी ko सहारा दू मैं,
आज चिरियो का प्यारा हूँ मैं,
सामने देखो मुझे,
तोह खेत में नज़ारा हूँ मैं|
गुण-> आधार (bird house)
८. कितने सालो से खादर यहाँ नैन,
उची मेरी गर्दन है,
हर एक गुण को देख सकू मैं,
ऐसी तीशन आखें है|
गुण->भाव्येता
९. सबकी प्यास भुझाऊ मैं,
मुझको जीवन कहते है,
सबको स्वछ करता हूँ,
सब मुझे ढूंडते रहते है|
गुण->शीतलता(पानी)
१०. सीना तानके खड़ा हूँ,
चोडा मेरा सीना है,
आज आपने मुझे देखा,
मैंने आपको जाना है|
गुण->विशालता
११. बस!!! और राह ना जाये,
घर की अब याद आये,
कैसे में जाऊ घर पे,
ये दुरी सही ना जाये|
गुण->भाव्मयेता
1. घना घना मैं हरा पेड़,
छाव है मेरी सबसे अछी,
कभी किसीसे नहीं मांगता,
निस्वर्था है मेरी सच्ची|
गुण-> निस्वर्था
२. आघा ऊपर, आघा निचे,
पर्वत जैसा मेरा अंग है,
मुझे तूफान भी नहीं हिला सकता,
सबसे निराला मेरा रंग है|
गुण -> स्थिरता
३. दूरदृष्टि है ये मेरी,
पर मंदिर ना नज़र आये,
भगवान् को ढूंढे इस जगह से,
पत्थर बीचमे आये|
गुण-> कृतज्ञता
४. दिन यहाँ पे शुरू किया था,
सबको हमने एक पाया था,
जैसे सूरज एक है,
किरणे उसकी नेक है|
गुण-> तेजस्विता(सूरज)
५. मानो तोह पत्थर हूँ,
मानो तोह दिवार हूँ,
मेरी शक्ति का मुझे गर्व नहीं है,
मुझे किसीका डर नहीं है|
गुण->नम्रता (W point )
६. कलि की मुस्कान हूँ,
भगवान् का हार हूँ,
हर वादी का गुलज़ार हूँ,
सपना मैं साकार हूँ|
गुण->सुन्दरता(फूल)
७. हर किसी ko सहारा दू मैं,
आज चिरियो का प्यारा हूँ मैं,
सामने देखो मुझे,
तोह खेत में नज़ारा हूँ मैं|
गुण-> आधार (bird house)
८. कितने सालो से खादर यहाँ नैन,
उची मेरी गर्दन है,
हर एक गुण को देख सकू मैं,
ऐसी तीशन आखें है|
गुण->भाव्येता
९. सबकी प्यास भुझाऊ मैं,
मुझको जीवन कहते है,
सबको स्वछ करता हूँ,
सब मुझे ढूंडते रहते है|
गुण->शीतलता(पानी)
१०. सीना तानके खड़ा हूँ,
चोडा मेरा सीना है,
आज आपने मुझे देखा,
मैंने आपको जाना है|
गुण->विशालता
११. बस!!! और राह ना जाये,
घर की अब याद आये,
कैसे में जाऊ घर पे,
ये दुरी सही ना जाये|
गुण->भाव्मयेता
Saturday, September 4, 2010
A rose for a loving Soul
I find myself living in a superficial world, the world which has emotions in order to achieve some excellence in life. Therefore, I thought the only thing I can offer a rose to the person who is still preserving a innocent and loving soul in him/herself.
God has created our souls as a Rose with thrones for protection, at the same time, the rose is as soft and gentle as a feather.
Today, we are demolishing our souls in race to overthrow all competitors and the result is our lives becoming black and white. We have forgotten the colors of life, the actual taste and way of life. One day we will re-colour our life just like me coloring this sketch in red and green.
Wednesday, August 25, 2010
सोचता रहता हूँ
क्या बताऊ आजकल जो हाल है !!!!
काम का ठिकाना नहीं रहता है,
बस सोच में ख्याल ही ख्याल है,
किस सोच में डूबा रहता हूँ,
देखते मेरा परोसी भी परशान है|
आपनी खबर नहीं रहती है,
राहो में चलते-चलते ठोकर लगती रहती है,
जब अपने सपने के बारे में सोचता हूँ,
आगे क्या करू....
सपनो की राह हमेशा धोंडली सी होती है,
जब तक सोच इस्धिर नहीं होती है,
अब ये इस्धिरता कैसे लाऊ,
मैं सोचता रहता हूँ |
सोच में डूबते को तिनके का सहारा चाहिए,
रहो में पथ दिखलाने वाला चाहिए,
अब इस हस्ती को कहा ढूंडू,
ये सोचता रहता हूँ|
बरसो में मिला है राह दिखलाने वाला,
हर पथ पर साथ ये रहने वाला,
मुझमे भी है बस्ता सबमे रहने वाला,
हरि कृपा का है आँचल प्यारा|||
अब सोच-समझकर सब है पाया,
जो कुछ भी है उसने दिलाया,
निमित मात्र हूँ इसलिए,
सोचता राह हु|
काम का ठिकाना नहीं रहता है,
बस सोच में ख्याल ही ख्याल है,
किस सोच में डूबा रहता हूँ,
देखते मेरा परोसी भी परशान है|
आपनी खबर नहीं रहती है,
राहो में चलते-चलते ठोकर लगती रहती है,
जब अपने सपने के बारे में सोचता हूँ,
आगे क्या करू....
सपनो की राह हमेशा धोंडली सी होती है,
जब तक सोच इस्धिर नहीं होती है,
अब ये इस्धिरता कैसे लाऊ,
मैं सोचता रहता हूँ |
सोच में डूबते को तिनके का सहारा चाहिए,
रहो में पथ दिखलाने वाला चाहिए,
अब इस हस्ती को कहा ढूंडू,
ये सोचता रहता हूँ|
बरसो में मिला है राह दिखलाने वाला,
हर पथ पर साथ ये रहने वाला,
मुझमे भी है बस्ता सबमे रहने वाला,
हरि कृपा का है आँचल प्यारा|||
अब सोच-समझकर सब है पाया,
जो कुछ भी है उसने दिलाया,
निमित मात्र हूँ इसलिए,
सोचता राह हु|
Monday, August 2, 2010
Happy FriendShip
A friend is one who is there when you ok and also when you not ok........
A friend is one who like what you are !! and also when you are !!!!
A friend is one who feel your emotions when you are and when you are not emotional.....
A friend is one who like what you are !! and also when you are !!!!
A friend is one who feel your emotions when you are and when you are not emotional.....
A friend is one who break rules for you.....
A friend is one who stops to fail in any way....any day......
A friend is one with whom you bail your day....everyday.....
A friend is like a ship that sail with the wind and against the wind.....
A friend is like a ship that sail with the wind and against the wind.....
A friend is one who celebrates every day as a friendship day.........................
Happy Friendship day.....week.....month......year.......everyday....
Love you all
Neeraj
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